गांधी जयंती 2018: जब सिर्फ 4 रुपए के लिए बापू ने की थी पत्नी की आलोचना, तब बा ने लिया था ये संकल्प

गांधी जयंती 2018: जब सिर्फ 4 रुपए के लिए बापू ने की थी पत्नी की आलोचना, तब बा ने लिया था ये संकल्प
Business

गांधी जयंती 2018: जब सिर्फ 4 रुपए के लिए बापू ने की थी पत्नी की आलोचना, तब बा ने लिय

2018-10-02 08:30:07

महात्मा गांधी एक बार पत्नी कस्तूरबा गांधी के चार रुपये ‘छुपाने’ से इतना परेशान हुए कि उन्होंने एक लेख लिखकर उनकी इस गलती को सार्वजनिक कर दिया था। 1929 में साप्ताहिक अखबार नवजीवन में ‘माई सोरो, माई शेम’ शीर्षक वाले लेख में गांधी जी ने अहमदाबाद स्थित आश्रम में रहने वाले साथियों के साथ ही कस्तूरबा की कमियों की आलोचना की है।

राष्ट्रपिता ने लिखा, ‘अपनी आत्मकथा में मुझे कस्तूरबा के गुणों के बारे में लिखने में हिचकिचाहट नहीं हुई। लेकिन मुझे कई कमजोरियां भी मिलीं, जो इन गुणों को मारती हैं। एक या दो साल पहले कस्तूरबा के पास सौ या दो सौ रुपये थे, जो हमें कई लोगों से तोहफे के तौर पर मिले थे। आश्रम के नियम के मुताबिक, वह अपने साथ कुछ भी नहीं रख सकती थी, भले ही वो किसी ने दिया हो। 

एक दिन आश्रम में चोरों के आने पर उन्हें अपनी पत्नी के अपराध का पता चला। हालांकि चोरों को आश्रम से कुछ नहीं मिला। कस्तूरबा को पछतावा तो हुआ, लेकिन यह अल्पकालिक था। कुछ दिन बाद एक अपरिचित ने कस्तूरबा को चार रुपये दिए। उन्होंने रुपये आश्रम में जमा कराने के बजाए अपने पास रख लिए। इस बारे में आश्रम के साथी ने बताया। कस्तूरबा को अपने किए पर पछतावा हुआ और उन्होंने कभी ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया।’ गांधी जी ने लिखा कि बा पश्चाताप से इतनी भर गई थी कि उन्होंने कहा कि अब अगर वो ऐसी कोई हरकत करते दोबारा पकड़ी गईं या पुरानी कोई गलती सामने आई तो वो गांधी जी और आश्रम दोनों को छोड़ देंगी।

लेख लिखने पर सफाई भी दी 
महात्मा गांधी ने इस घटना पर लेख लिखने की जरूरत पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि पूरी घटना के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि अगर मैं ऐसा नहीं करूंगा तो यह मेरे कर्तव्य का उल्लंघन होगा। हालांकि लेख में उन्होंने कस्तूरबा गांधी की कई खूबियों का भी उल्लेख किया है। 

‘गांधी जी ने कुछ गलत नहीं किया’ 
स्वतंत्रता सेनानी और कट्टर गांधीवादी 106 वर्षीय अय्यपन पिल्लई कहते हैं कि अगर गांधी जी ने कस्तूरबा गांधी के अवगुण को उजागर किया तो कुछ गलत नहीं किया। वह सच्चाई के अवतार थे। वे चाहते थे कि उनके चारों ओर हर कोई नैतिक रूप से सही और पारदर्शी हो।

 

source:--https://www.amarujala.com/photo-gallery/delhi-ncr/gandhi-jayanti-2018-when-mahatma-gandhi-criticized-wife-kasturba-for-4-rupees?pageId=1